सन 2000 बुलेट मोटरसाइकिल के बजाय उसकी कंपनी के शेयर ख़रीदे होते तो आज करोड़पति होते।
जी हाँ ये बिल्कुल सही बात है, 2000 में एक मोटरसाइकिल का दाम जोकी 55 हज़ार रूपया था। इतनी ही राशि का शेयर खरीदा होता तो आज आपके पास 4.75 करोड़ रुपये होते। उस समय इसके एक शेयर का दाम मात्र 17.50 रुपये था जोकी आज 22 हजार से भी ऊपर है।
ये सारा श्रेय Eicher Motors के MD तथा CEO श्रीमान सिद्धार्थ लाल को जाता है जिनकी मेहनत और लगन ने कंपनी को इस मुकाम पे पहुचाया। सन 2000 में जब उन्होंने CEO का कार्यभार संभाला था तब उनकी उम्र महज़ 26 वर्ष थी।
Siddartha Lal
रिपोर्ट के मुताबिक सन् 2000 में Royal Enfield की बिक्री कुछ खास नही थी। जापानी कंपनियां RE को काफी टक्कर दे रही थी। जापानी मोटरसाइकिल की क्वालिटी और दाम RE से कहीं ज्यादा अच्छे थे जिसके कारण RE की सफलता पे अंकुश लगा हुआ था। लेकिन सिद्धार्थ लाल की रणनीति और विश्वास ने उनके सपने को सच कर के दिखाया।
आज ये आलम है की मांग ज्यादा होने के कारण लोगों को मोटरसाइकिल लेने के लिए 3-6 महीनो का इंतज़ार करना पड़ता है। और ये ही नहीं RE ने अपनी क्वालिटी में भी काफी सुधार किये है। तभी ये भारत की सबसे ज्यादा मांग वाली मोटरसाइकिल में से एक है।
आज बुलेट स्टैंडर्ड का दाम 1 लाख से ऊपर है। जो की अभी भी नीचे दर्जे के आम आदमी की पहुँच से बाहर है।
मई 2016 में RE ने कुल 48604 मोटरसाइकिल की बिक्री करी जिनमे से 47232 घरेलु बाजार में थीं।
मई 2016 में RE ने कुल 48604 मोटरसाइकिल की बिक्री करी जिनमे से 47232 घरेलु बाजार में थीं।
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